IPL के साथ PSL कराकर पाकिस्तान ने फिर बढ़ाई मुश्किल, न खिलाड़ी मिलेंगे न दर्शक

नई दिल्ली
 पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक बार फिर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने की पूरी तैयारी कर चुका है। आर्थिक तंगी, टीम के खराब प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता से जूझ रहा क्रिकेट बोर्ड अपनी घरेलू टी20 लीग का आयोजन आईपीएल के समय पर ही कर रहा है। यह लगातार तीसरा साल है, जब पीएसएल के मैच आईपीएल के साथ टकरा रहे हैं। आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है और खेल की टॉप-5 लीगों में भी शामिल है। वहीं, पीएसएल क्रिकेट की दुनिया में ही अपनी बड़ी पहचान के लिए तरस रही है। ऐसे में दोनों लीग के मैच एक साथ होने पर पीएसएल को भारी नुकसान होना तय है। पहले भी पीसीबी की इसी जिद के कारण उन्हें भारी नुकसान हुआ है।

पीएसएल का 12वां संस्करण 18 मार्च से 2 मई 2027 तक आयोजित किया जाएगा। वहीं, आईपीएल का आयोजन भी मार्च से मई के बीच ही होगा। ऐसे में छोटी लीग को नुकसान होना तय है। सबसे ज्यादा नुकसान टीवी और ऑनलाइनल मैच देखने वाले दर्शकों का होगा। पीएसएल 2016 में शुरू हुआ था और 2024 तक फरवरी से लेकर मार्च के बीच इसका आयोजन होता था। ऐसे में आईपीएल शुरू होने से पहले यह लीग खत्म हो जाती थी, लेकिन 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 में टी20 विश्व कप के कारण इसे अप्रैल-मई में आयोजित कराना पड़ा।

बॉडकास्टर को हो रही चिंता
मैच का बॉडकास्ट करने वाली कंपनी वाले टेक्नोलॉजी का कहना है कि रमजान के दौरान अधिकर कंपनियां जमकर विज्ञापन देती हैं और अपना पूरा बजट खर्च कर देती हैं। ऐसे में अगले महीने पीएसएल होने पर उनके पास विज्ञापन देने के लिए बजट ही नहीं होता है। हालांकि, अधिकतर फ्रेंचाइजी मार्च के बाद ही पीएसएल कराने के पक्ष में हैं। इनका कहना है कि जिन 4 मैदानों पर पीएसएल के मैच होते हैं, उनमें से तीन मैदानों (लाहौर, मुल्तान और रावलपिंडी) पर फरवरी में जमकर ठंड पड़ती है। कोहरे के कारण मैच का आयोजन और खिलाड़ियों को ट्रवल करने में परेशानी होती है।

पहले यूएई में होते थे मैच
2020 में पीएसएल के सभी मैचों का आयोजन पाकिस्तन में होने लगा। इससे पहले इस लीग के मुकाबले यूएई में भी आयोजित होते थे। इससे कोहरे की समस्या कम होती थी। हालांकि, पाकिस्तान के सामने कई चुनौतियां हैं। एक तरफ वाले टेक्नोलॉजी है, जिसके पास 2029 तक पीएसएल मैचों के ब्राडकास्टिंग राइट हैं और लीग की एक टीम का मालिकाना हक भी है। वहीं, दूसरी तरफ अन्य फ्रेंचाइजी हैं, जो मार्च-मई विंडो के पक्ष में हैं।