नई दिल्ली
स्टार विकेटकीपर ऋषभ पंत सिर्फ टेस्ट क्रिकेटर बनकर रह गए हैं? टीम इंडिया के इस स्टार विकेटकीपर-बैटर को वेस्टइंडीज के खिलाफ 3 मैचों की ODI सीरीज के लिए नहीं चुना गया है. खास बात ये है कि पंत को इस सीरीज में मौका उस वक्त भी नहीं मिला, जब टीम के कुछ बड़े नाम एशियन गेम्स की वजह से उपलब्ध नहीं हैं।
पंत को अब ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है. इस मुकाबले में रेस्ट ऑफ इंडिया का सामना रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर से होगा. लेकिन टीम इंडिया की ODI टीम से बाहर रहने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंत के लिमिटेड ओवर्स करियर की दिशा आखिर क्या है?
T20I के बाद ODI में भी नहीं मिली जगह
पिछले करीब दो साल से पंत टीम इंडिया की T20I टीम का हिस्सा नहीं हैं. वहीं ODI क्रिकेट में भी उनकी स्थिति लगातार बदलती रही है. नवंबर 2025 तक वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI स्क्वॉड में शामिल थे, लेकिन प्लेइंग XI में मौका नहीं मिला।
2024 के श्रीलंका दौरे के बाद से पंत को T20I में भी जगह नहीं मिली. ODI में भी उनका आखिरी मैच अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ आया था. इसके बाद से वह इस फॉर्मेट में टीम इंडिया की योजनाओं से बाहर ही दिखे हैं।
अब 16 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज के लिए टीम का ऐलान हुआ तो पंत का नाम एक बार फिर गायब था. यहां एक और बात गौर करने वाली है. उसी समय भारतीय टीम को एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेना है. ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जो T20I और ODI दोनों टीमों का हिस्सा होते हैं और इस वजह से चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे।
इसके बावजूद पंत बतौर बैकअप विकेटकीपर भी टीम में जगह नहीं बना सके. यानी टेस्ट क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल विकेटकीपर-बैटर में शामिल पंत फिलहाल सिर्फ एक फॉर्मेट के खिलाड़ी बनते नजर आ रहे हैं.
ये सीरीज पंत के लिए क्यों थी बड़ा मौका?
वेस्टइंडीज के खिलाफ ये सीरीज पंत के कमबैक के लिए एक अच्छा मौका मानी जा रही थी. लेकिन सेलेक्शन में ध्रुव जुरेल को बतौर बैकअप विकेटकीपर चुना गया. ईशान किशन इस सीरीज के लिए उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में विकेटकीपर-बैटर के तौर पर पंत के लिए जगह बन सकती थी. इतना ही नहीं, श्रेयस अय्यर भी टीम में नहीं हैं. यानी मिडिल ऑर्डर में भी एक जगह खाली थी.अक्षर पटेल भी इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं. इसका मतलब टीम के टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर में एक लेफ्ट हैंडर की कमी भी नजर आती है.इसके बावजूद पंत को मौका नहीं मिला।
रोहित शर्मा इस सीरीज में टीम इंडिया के लिए ओपन करते दिखेंगे. वहीं रवींद्र जडेजा की वापसी का मतलब है कि वह नंबर-7 पर बल्लेबाजी कर सकते हैं. ऐसे में टॉप-6 में पंत के लिए जगह बनाई जा सकती थी।
पंत की अटैकिंग बैटिंग भी इस भूमिका में टीम के काम आ सकती थी. मिडिल ओवर्स में वह स्पिनर्स पर हमला करने, तेजी से बाउंड्री निकालने और अपनी अलग तरह की बल्लेबाजी से विपक्षी टीम की प्लानिंग बिगाड़ने की क्षमता रखते हैं।
ODI क्रिकेट में उनके पास पारी को समय देने का भी विकल्प होता है. उन्हें पहली गेंद से ही हमला करने की जरूरत नहीं होती. वह पारी को आगे बढ़ाते हुए बाद के ओवर्स में गेंदबाजों पर दबाव बना सकते हैं.
ODI में पंत का रिकॉर्ड कैसा है?
ODI में पंत का करियर अभी बहुत लंबा नहीं रहा है. उन्होंने कुल 31 मुकाबले खेले हैं और 33.50 के औसत से 871 रन बनाए हैं. उनके ODI करियर की सबसे बड़ी पारी 2022 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ आई थी. नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते हुए पंत ने 113 गेंदों पर 125 रन बनाए थे. इस पारी में उन्होंने 16 चौके और 2 छक्के लगाए. पंत की इसी पारी के दम पर भारत ने मुकाबला जीता था और ODI सीरीज भी अपने नाम की थी. यह इस फॉर्मेट में पंत का इकलौता शतक भी है. हालांकि दिसंबर 2022 के बाद से पंत ने सिर्फ एक ODI खेला है।
दिसंबर 2022 में हुए कार एक्सीडेंट के बाद वह करीब एक साल तक क्रिकेट से दूर रहे. 2024 IPL में उन्होंने वापसी की और इसके बाद पूरी तरह फिट होने के बावजूद ODI में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले।
अब वापसी कितनी मुश्किल?
पंत ने आखिरी ODI अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था. इसके बाद से वह टीम से बाहर हैं. ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज को उनके लिए खुद को साबित करने का एक मौका माना जा रहा था. पर ध्रुव जुरेल को बैकअप विकेटकीपर की जिम्मेदारी दी गई. यही बात पंत के लिए टेंशन बढ़ाने वाली है. क्योंकि जब टीम के कुछ नियमित खिलाड़ी वापस आएंगे, तब कंपटीशन और बढ़ सकता. ऐसे में पंत के लिए टीम में वापसी की जगह निकालना आसान नहीं होगा।
हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पंत का ODI करियर खत्म हो चुका है।
वह अभी सिर्फ 28 साल के हैं. उनके सामने वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं है. इंजरी से जुड़ी दिक्कतें, फॉर्म और वर्कलोड मैनेजमेंट जैसे फैक्टर आगे उनकी स्थिति बदल सकते हैं.सबसे अहम बात उनकी क्षमता है, जिस पर सवाल नहीं है. लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ क्षमता काफी नहीं होती, मौके भी चाहिए होते हैं।
पंत के लिए मौका आएगा कहां से?
वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI सीरीज में टीम में जगह न मिलना निश्चित तौर पर उनके लिमिटेड ओवर्स फ्यूचर के लिए एक अहम संकेत है. अब पंत की नजर ईरानी कप पर होगी, जहां वह रेस्ट ऑफ इंडिया की कप्तानी करते नजर आएंगे।
वेस्टइंडीज सीरीज के लिए भारत की ODI टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार , मोहम्मद सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर.
वेस्टइंडीज सीरीज के लिए भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव.
रेस्ट ऑफ इंडिया टीम: ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), सनत सांगवान, शिखर मोहन, सुदीप घरामी, सरफराज खान (उपकप्तान), स्मरण रविचंद्रन, मानव सुथार, सारांश जैन, आकाश दीप*, मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), आर्यन पांडे, अनुकूल रॉय, आयुष दोसेजा.