संजय राउत के पोस्ट पर बवाल, ‘अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट जला दिया’ लिखने पर विवाद

मुंबई

अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट जलाए जाने की घटना को लेकर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के एक्स पोस्ट पर सियासी घमासान मच गया है. उन्होंने अपने एक पोस्ट में कहा, "अल्बानिया के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को जला दिया है. लोग इसलिए गुस्से में थे क्योंकि सुप्रीम कोर्ट भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद कर रहा था. विरोध कर रही जनता ने संसद और सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया है. सभी देशों को इन घटनाओं से सबक सीखना चाहिए। 

संजय राउत के बयान पर उनकी ही पार्टी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने हिंसक विरोध और संवैधानिक संस्थानों को निशाना बनाने को गलत बताया. वहीं, बीजेपी और जेडीयू नेताओं ने संजय राउत के बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता फैलाना चाहता है। 

मुंबई में शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने यह भी कहा, "अगर यह सरकार सत्ता में बनी रहती है, तो अराजकता फैलना तय है. मैं यही कह रहा हूं. सुप्रीम कोर्ट को इस पर ध्यान देना चाहिए. हमें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है और सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही देश को बचा सकता है. अगर हम अपने ही देश में तिरंगा नहीं फहरा सकते, तो फिर हम क्या कर सकते हैं? इससे अराजकता फैलेगी. सुप्रीम कोर्ट को इस मामले को देखना चाहिए। 

प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं- भारत को किसी दूसरे देश से सीखने की जरूरत नहीं
मुंबई में शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "भारत को किसी दूसरे देश से सीखने की जरूरत नहीं है. अल्बानिया एक छोटा देश है, जिसने कम्युनिस्ट तानाशाही के तहत कई साल बिताए. लोगों का कानून अपने हाथ में लेना, व्यवस्था को बाधित करना और सुप्रीम कोर्ट या संसद जैसी संस्थाओं को अस्थिर करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। 

जो लोग भारत में सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश के विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा लेने की बात करते हैं, वह बेहद अफसोसजनक है. उन प्रदर्शनों का नेतृत्व सिर्फ छात्रों ने नहीं किया था, बल्कि बाद में एक इस्लामवादी आंदोलन ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों पर हमले हुए. किसी भी लोकतंत्र में हिंसक तरीके से सत्ता परिवर्तन की जगह नहीं है. हमें अल्बानिया, पेरिस या ऐसी दूसरी घटनाओं से सीख लेने की जरूरत नहीं है। 

किरीट सोमैया ने राउत और पवन खेड़ा पर साधा निशाना
बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर संजय राउत और पवन खेड़ा पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, "संजय राउत और ठाकरे सेना अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट को जलाए जाने का समर्थन कर रहे हैं. संजय राउत ने भारत के राष्ट्रपति और मुख्य चुनाव आयुक्त की निंदा की. वे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को गाली देते हैं और अब अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट को जलाए जाने का समर्थन कर रहे हैं. वे निराश हैं और सत्ता परिवर्तन के लिए भारत में अराजकता चाहते हैं. देश के लोग ऐसे अराजकतावादी रवैये का कभी समर्थन नहीं करेंगे। 

जेडीयू नेता बोले- विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से जनादेश हासिल करने पर भरोसा नहीं
पटना में जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "अब संजय राउत जी ने अल्बानिया का जिक्र किया है. यह हैरान करने वाला है. जो लोग कल तक यह सफाई दे रहे थे कि सत्ता परिवर्तन से उनका मतलब उस तरह का नहीं था, संजय राउत ने एक बार फिर अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट को आग लगाए जाने की घटना का जिक्र किया है. इससे साफ होता है कि विपक्ष को लोकतांत्रिक तरीके से जनादेश हासिल करने पर भरोसा नहीं है। 

बीजेपी नेता सिद्धार्थ यादव बोले- भारत में अराजकता का मॉडल नहीं चलेगा
गुरुग्राम में बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने कहा, "विपक्षी नेता भारत में सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं. कभी और आज भी संजय राउत दावा करते हैं कि भारत को अल्बानिया से सीखना चाहिए, जहां सड़कों पर बड़े पैमाने पर अराजकता के बीच सुप्रीम कोर्ट को आग लगा दी गई, संसद पर हमला हुआ और भीड़ ने अलग-अलग संवैधानिक संस्थानों में आगजनी की। 

उन्होंने कहा, "भारत के विपक्षी नेता देश के लोकतंत्र को अराजकता की ओर ले जाना चाहते हैं. देश के लोग विपक्षी नेताओं के इन सभी बयानों को देख रहे हैं. भारत में अराजकता का मॉडल नहीं चलेगा. भारत एक लोकतांत्रिक देश है और हमेशा एक मजबूत लोकतंत्र के रूप में काम करता रहेगा।