ग्लासगो
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन लगातार जारी है. रविवार (26 जुलाई) को को भारत ने बॉक्सिंग रिंग में पाकिस्तान पर बड़ी जीत दर्ज की. भारतीय मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने पुरुषों के मुकाबले में पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. वहीं एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 54 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया. अब दोनों भारतीय मुक्केबाज कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं।
एसईसी सेंटर में जादुमणि सिंह के मुकाबले से पहले ही माहौल पूरी तरह भारत के समर्थन में बदल चुका था. चारों ओर 'भारत माता की जय' और 'इंडिया-इंडिया' के नारों की गूंज थी. दर्शकों का जोश इतना था कि मुकाबला शुरू होने से पहले ही भारत-पाकिस्तान मुकाबले का रोमांच चरम पर पहुंच चुका था. ऐसे माहौल में जादुमणि ने जिस आत्मविश्वास और संयम के साथ प्रदर्शन किया, उसने पाकिस्तानी मुक्केबाज को पूरे मुकाबले में कभी वापसी का मौका नहीं दिया।
पहले राउंड में दोनों मुक्केबाजों ने एक-दूसरे को परखा. लेकिन इसके बाद जादुमणि सिंह ने अपनी रणनीति बदली और लगातार तेज हुक व सटीक स्ट्रेट पंच लगाने शुरू कर दिए. उनकी रफ्तार और टाइमिंग के सामने सुमामा रहमान पूरी तरह बेबस नजर आए. दूसरे राउंड में जादुमणि के एक जोरदार राइट हैंड पंच ने पाकिस्तानी मुक्केबाज को हिला दिया. हालात ऐसे बने कि रेफरी को रहमान को स्टैंडिंग काउंट देना पड़ा. यहीं से मुकाबला पूरी तरह भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में झुक गया।
तीसरे राउंड में जादुमणि पूरे आत्मविश्वास के साथ रिंग के बीचों-बीच खड़े रहे. उन्होंने कई बार पाकिस्तानी मुक्केबाज को हमला करने का न्योता दिया और फिर अपनी शानदार फुटवर्क, तेज काउंटर अटैक और सटीक पंचों से लगातार अंक बटोरते रहे. आखिर में पांचों जजों ने सर्वसम्मति से भारत के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जादुमणि को 5-0 से विजेता घोषित कर दिया।
कारगिल के वीरों को समर्पित की जीत
जादुमणि सिंह भारतीय सेना में हैं. यह जीत कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) के अवसर पर मिली, जिससे भारतीय मुक्केबाज के लिए यह क्षण और भी महत्वपूर्ण हो गया. जादुमणि सिंह ने अपनी जीत करगिल विजय दिवस के वीर सैनिकों को समर्पित की. मुकाबले के बाद उन्होंने कहा, 'मैं यह जीत करगिल के नायकों को समर्पित करता हूं. मेरा लक्ष्य सभी मुकाबले जीतकर भारत के लिए गोल्ड मेडल लाना है.' उनका यह बयान स्टेडियम में मौजूद भारतीय समर्थकों के उत्साह को बढ़ाने वाला साबित हुआ।
महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में भारत की स्टार मुक्केबाज प्रीति पवार ने भी अपना दबदबा दिखाया. उन्होंने मलावी की डेबोरा मटेंजे को दूसरे राउंड में रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट (RSC) के जरिए हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली. प्रीति ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. पहले राउंड में पांचों जजों ने उन्हें विजेता माना. दूसरे राउंड में मलावी की मुक्केबाज दो बार स्टैंडिंग काउंट का शिकार हुई. आखिरकार मुकाबला खत्म होने से 47 सेकंड पहले रेफरी ने मुकाबला रोक दिया और प्रीति को विजेता घोषित कर दिया।
हालांकि भारत के लिए दिन का अंत पूरी तरह सुखद नहीं रहा. मेन्स 65 किलोग्राम वर्ग में आदित्य प्रताप को युगांडा के नूहू बाट्टे के खिलाफ 2-3 से बेहद करीबी हार का सामना करना पड़ा. कांटे की टक्कर वाले इस मुकाबले में हार के साथ उनका कॉमनवेल्थ गेम्स अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया।