राज्य के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए तकनीकी शिक्षा का रास्ता अब और आसान हो गया है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग और इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड, काशीपुर के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत विद्यार्थियों को चयनित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में बिना प्रवेश प्रक्रिया के सीधे दाखिले का अवसर मिलेगा।
एससीईआरटी कार्यालय ननूरखेड़ा में उच्च, तकनीकी एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत की उपस्थिति में यह समझौता हुआ। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से निदेशक माध्यमिक शिक्षा डा मुकुल सती तथा प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से निदेशक प्राविधिक शिक्षा देशराज ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कक्षा-10 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को ग्रुप-ई में प्रवेश
समझौते के अनुसार माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कालेजों को चयनित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इसके तहत कक्षा-10 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को ग्रुप-ई के अंतर्गत विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश दिया जाएगा।
वहीं, कक्षा-12 विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को ग्रुप-ए अथवा लेटरल एंट्री के माध्यम से डिप्लोमा पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
युवाओं को कौशल विकास से जोड़ेंगे
शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि यह पहल राज्य के युवाओं को कौशल आधारित और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
इससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम में प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव मुकेश पांडेय, संयुक्त निदेशक आलोक मिश्रा, अभिषेक सिंह, सचिन कुमार, माध्यमिक शिक्षा विभाग की वंदना गर्ब्याल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह पहल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के प्रचार-प्रसार और पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवेश बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी।